सोना तस्करी में एयरपोर्ट के दो सफाई कर्मचारी गिरफ्तार

 

राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) के अधिकारियों ने सोना तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एयरपोर्ट के दो सफाई कर्मचारी हैं। गिरोह के कुछ सदस्य विमान के शौचालय में छिपाकर रखा गया तस्करी का सोना निकालते थे और बाद में उसे एयरपोर्ट से बाहर ले जाते थे।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद उर्वा (29), राजेश मांजरेकर (56), जहीर कुरैशी (42), मोहम्मद अजहर काजी (39) और मोहम्मद अहमद (26) के रूप में हुई है। DRI अधिकारियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि दुबई से आने वाला यात्री मोहम्मद उर्वा विमान में सोना छिपाएगा। इसके बाद एयरपोर्ट के निजी कर्मचारी राजेश मांजरेकर और जहीर कुरैशी विमान से सोना निकालकर उसे मुंबई के CSMI एयरपोर्ट परिसर से बाहर ले जाएंगे।

इस सूचना के आधार पर अधिकारियों ने 22 जुलाई को उर्वा की पहचान कर उसे रोक लिया। सभी यात्रियों के विमान से उतरने के बाद अधिकारियों ने देखा कि सफाई कर्मचारी विमान के अंदर जा रहे हैं। करीब 15-20 मिनट बाद, पहले विमान में दाखिल हुए सफाई कर्मचारी बाहर निकलने लगे और एयरो-ब्रिज की सीढ़ियों से होते हुए टारमैक की ओर जाने लगे।

दो सफाई कर्मचारियों राजेश मांजरेकर और जहीर कुरैशी की पहचान कर उन्हें रोक लिया गया। इसके बाद उन्हें बताया गया कि उनकी तलाशी ली जाएगी। जहीर कुरैशी की व्यक्तिगत तलाशी के दौरान उसकी पैंट की जेब से दो पाउच बरामद हुए, जो असामान्य रूप से भारी थे। जांच में पता चला कि उनमें सोना था।

पूछताछ में जहीर कुरैशी ने बताया कि राजेश मांजरेकर ने उसे विमान के वॉशरूम/टॉयलेट/लैवेटरी में छिपाए गए इन पाउच को निकालने के लिए कहा था। बरामद सोने की कीमत 5.63 करोड़ रुपये बताई गई है। यह सोना मोम के रूप में गोल्ड डस्ट था।

सफाई कर्मचारियों राजेश मांजरेकर और जहीर कुरैशी से आगे की पूछताछ में पता चला कि राजेश मांजरेकर के निर्देश पर जहीर कुरैशी ने विमान के टॉयलेट और वॉशरूम में एक निश्चित स्थान पर छिपाकर रखा गया तस्करी का सोना निकाला था।

DRI के एक अधिकारी ने बताया दोनों आरोपी अजहर के लिए पैसों के बदले काम कर रहे थे। राजेश मांजरेकर ने आगे बताया कि अजहर एयरपोर्ट के बाहर इंतजार कर रहा था और जहीर कुरैशी उसे तस्करी का सोना सौंपने वाला था। पूरी घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था और अजहर को CSMI एयरपोर्ट के बाहर रोक लिया गया। अजहर से पूछताछ में उसने बताया कि वह पैसों के बदले मोहम्मद अहमद उर्फ मुस्तफ के निर्देश पर काम कर रहा था।

इसके बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए उसी दिन मुस्तफ को भी गिरफ्तार कर लिया गया। सभी आरोपियों के बयान दर्ज किए गए, जिसमें उन्होंने अपनी भूमिका स्वीकार की और स्वेच्छा से दिए गए बयानों में माना कि वे विदेश से तस्करी कर लाए गए सोने के कारोबार में शामिल थे।

जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया है कि उक्त आरोपियों ने 5.63 करोड़ रुपये मूल्य के सोने को अपने कब्जे में लेने, उसे ले जाने, रखने, छिपाने, निकालने और उसकी खरीद-फरोख्त में भूमिका निभाई।

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